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हात्तीपाईले रोग निवारण अभियान


   
  1. हात्तीपाईले रोग निवारणके खातिर राष्ट्रिय आम दवाई सेवन कार्यक्रम बारे जानकारी

१) हात्तीपाईले रोगके बारेमें सामान्य जानकारी :-

हात्तीपाईले रोग मनुष्यका शारिरका असहाय और अपांग बनावेक एक मनुष्य से दुसरे मनुष्य फैले वाला रोग होये । यी रोग एक प्रकारके बहुत छोट केचुवाके जैसन परजीविसे होत है और यी रोग जौन क्युलेक्स नामके महिला मच्छरसे संक्रमित होत है ओकरे काटेसे मनुष्यमें फैलत है । मनुष्यके शरिरमें यी परजीवी घुसेके कुछ वर्ष बाद रोगके असर (जैसे – हात्तीपाइले अउर अण्डकोस सुनहोये) देखात है अउर अईसन रोगके लक्ष्ण देखायेके बाद ठिक नाई कइ सका जात हात्तीपाईले रोगसे बचेके खातिर अउर प्रारम्भिक अवस्था से ही पुर्ण रुपसे ठिक होयेके खातिर रोगके जोखिम भएके कुल जिल्लामे राष्ट्रिय आम दवाई खवायेक कार्यक्रम संचालनमे है ।

२) हातीपाईले रोगके परजीवीसे मुक्त होयेके का करे :-

नेपाल सरकार रोग से पिडित जिल्लामें प्रत्येक वर्ष चलनचल्ती आम दवाई खायेक कार्यक्रममें सहभागी होईके अपने जिल्लामे संचालनमे रहात तक लगातार हात्तीपाईले रोगके विरुद्ध दवाई खायेक अउर दुसरोका भी खायेक बतावा जाये ।

३) हात्तीपाईले रोगसे बचेक खातिर कैसन दवाईके प्रयोग करेक चाहिँ अउर ई का करि ? :-
हात्तीपाईले रोगसे बचेके लिये तीन प्रकारसे दवाई इस्तेमाल होत है जौनकि सही तरिकासे बचाव करत है अउर यी दवाई दुनिया भरमे इस्तेमाल होत आवा है । यी तीन मेरके दवाई इस्तेमालसे हात्तीपाईले रोग लागल मनुष्यके सहीतरिकासे काम करत है अउर रोग लागेसे बचावत भी है । यी पेट अउर खुनके अन्दरके केचुवा (हात्तीपाईले लागे वाला केचुवा) मारत है तो साथे लुतो अउर जुम्रो(मनई अउर जानवर के शारिरसे चुसे वाला किआ)के उपचारमे भी फायदा करत है । बहुत खोजे अउर पढाई करेक बाद यी तीन प्रकारके दवाई फायेदमन्द है अउर विश्व स्वास्थ्य संगठ्नसे भी अनुमती मिला है ।

४) यी दवाईके इस्तेमालसे हात्तीपाईले रोग नाईलागेवालेनके कैसे फायदा करी ? :-

बात अइसन है कि हात्तीपाईले रोग के लक्षण नाई देखान तो रोगके परजीवी शरीरमे होई सकत है अउर दवाई अबहिन खायो तो परजीवी केचुवा खतम होई जाई अउर कबो भी रोग नाई लागि । दुसर बात यी है कि दवाई खाये नाते हात्तीपाईले रोग कौनो भी तन्दुरुस्त मनुष्यके नाई होई । तीसर बात अगर आँप लोगनके गाउँघर, समाजमें केहुक हात्तीपाईले रोग है तो दवाई खायेक कारण मच्छर काटेसे भी हात्तीपाईले रोग नाई होई ।

५) हात्तीपाईले रोग खिलाफके दवाई के-कैसन मनई नाई खाई सकत है ? :-
• दुई साल से कम उम्र के बच्चा
• गर्भवती अउर सात दिनके सुत्केरी
• छारे रोग वाले मनई
• अगर पहिले आम दवाई खात समय दिक्कत भवल मनई
• ज्यादा बिमार लोग
ज्यादा बिमार माने वैसन रोगी जौन लोग रोगसे बिस्तार पर पडा होये, अस्पतालमें भर्ना होये, अउर जीवन भर डा. के सल्लाहसे बवाई खात होये जैसे कि पथरी रोगके कारण खुन बदला जात होये अउर भी ।

६) हात्तीपाईले रोगके खिलाफ दवाई खात कौन-कौन बातके ध्यान दियेक चाहिँ ? :-

दवाई खाली पेट नाई खायेक चाहिँ । हात्तीपाईले रोगसे ग्रसित मनुष्य हात्तीपाईले रोगके दवाई खायेक बाद दुसर कौनो दवाई जैसे कि सर दर्द, उल्टी, पेट पिराये वाला दवाई नाई खायेक चाहिँ । अगर अईसन होत है तो हात्तीपाईले रोग वाला दवाई के असर कम होई जात है ।

ओइसन लक्षण कुछ देर बाद अपने आँप हेराई जात है । कब्बो कब्बो लक्षण बहुत समय तक रही जात है तो अपने नजिकके स्वास्थ्यके संस्थामें पुछब अउर उपचार करब जरुरी रहत है । आम दवाई खवायेक कार्यक्रम जौन जौन जिल्लामे लगा है सरकारसे तालिम लिहे स्वास्थ्यकर्मी लोग ही आँपके गाउँघरके नजिक बुथ लगाईके या घर घर जाईयेक आँप लोगन का हात्तीपाईले रोगके दवाई खवाईहे ।

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